0518 रॉजर ऐल्स

0518 रॉजर ऐल्स


रॉजर ऐल्स, फ़ॉक्स न्यूज़ चैनल के संस्थापक का आज निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे एवं पिछले पचास वर्षो से टेलिविज़न की दुनिया में सक्रिय थे। 


उनकी उपलब्धियाँ कई रहीं। एवं वे सराहनीय भी हैं। चाहे वे सबके गले उतरे। लेकिन यह तो सच है कि जो मुद्दे आमतौर पर पारिवारिक पिकनिक पर उठाए जाते थे, उन मुद्दों को उन्होंने अपने चैनल पर बड़ी बेबाक़ी से प्रस्तुत किए। 


वे एक विराट हस्ती थे, उन्हें नकारा नहीं जा सकता। 

0518 रीमा लागू

0518 रीमा लागू


आज का दिन बहुत दुखद है।  रीमा लागू चल बसी। 


अभी दो दिन पहले ही तो मातृ-दिवस के गीतों में उन्हें देखकर उनके अभिनय के कौशल से प्रभावित होकर ख़ुद को  गौरवान्वित महसूस कर रहा था, जैसे कि कोई अपना ही हो।  


और आज दु: भी ऐसा ही हो रहा है, जैसे कोई अपना चला गया सदा-सदा के लिए। 


मुझे उनके निजी जीवन के बारे में कुछ भी नहीं पता। उनकी फ़िल्मे एक बार फिर से देखूँगा।


http://www.youtube.com/playlist?list=PLAxLt1oyJnF8HFgL6KiCt8Gqx25sGLaTb

0517 पंकज उधास

0517 पंकज उधास


आज पंकज उधास का जन्मदिन है।  उन्होंने अनगिनत मशहूर गीत-ग़ज़ल को अपनी आवाज़ से सँवारा है। 

उनका पहला मशहूर गीत था - चाँदी जैसा रंग है तेरा। दूसरा गीत फ़िल्म नाम से - चिठ्ठी आई है, चिठ्ठी आई है। 

सुनिए उनके गीत यहाँ:


0515 माधुरी दीक्षित

0515 माधुरी दीक्षित


आज माधुरी दीक्षित का जन्मदिन है.

1986 में जब मैंने भारत छोड़ा था तब इनका नाम सुना भी नहीं था. उन दिनों इन्टरनेट तो क्या मेरे परिवार और दोस्तों के पास फ़ोन तक नहीं था. जब नए सत्र में विद्यार्थी आते थे तब बॉलीवुड के हालचाल मिलते थे.

तब 1988 में पता चला 'तेज़ाब' के बारे में और 'एक, दो, तीन' छा गया.

लीजिए सुनिए/देखिए उनके कुछ चुनिन्दा गीत:
Playlist


0513 श्री श्री रवि शंकर

0513 श्री श्री रवि शंकर 


आज के दिन श्री श्री रवि शंकर का जन्म हुआ था। दुनिया के हर कोने में उनके अनुयायी हैं, जिनका दावा है कि श्री श्री रवि शंकर के उपदेशों से तथा उनके सुदर्शन क्रिया योग से उन्हें बहुत लाभ हुआ है। जीवन जीने की कला मिली। 


लीजिए देखिए/सुनिए उनके कुछ वीडियो:

http://www.youtube.com/playlist?list=PLAxLt1oyJnF-4pf2pHbrGA9Hsz9zKNzcO




0513 फखरुद्दीन अली अहमद

0513 फखरुद्दीन अली अहमद


आज के दिन श्री फखरुद्दीन अली अहमद का जन्म हुआ था। वे 1972 से 1977 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल में ही आपातकाल की घोषणा हुई थी। कई लोग उन्हें इस बात के लिए दोषी भी ठहराते है। 


व्यवसाय से वे वक़ील राजनेता थे।  


0512 जिद्दू कृष्णमूर्ति

0512 जिद्दू कृष्णमूर्ति


आज 0512 जिद्दू कृष्णमूर्ति का जन्मदिन है. मैंने उनका नाम पहली बार Illustrated Weekly में पढ़ा था और पढ़ कर हैरान था कि श्रीमती इंदिरा गांधी किसी व्यक्ति को इतना सम्मान व आदर दे सकती हैं.

उनके विचारों से मैं अवगत हूँ लेकिन उन्हें पूरी तरह से अभी तक समझ नहीं पाया हूँ. कुछ उदाहरण यहाँ प्रस्तुत हैं.

"गंगा बस उतनी नहीं है, जो ऊपर-ऊपर हमें नज़र आती है। गंगा तो पूरी की पूरी नदी है, शुरू से आखिर तक, जहां से उद्गम होता है, उस जगह से वहां तक, जहां यह सागर से एक हो जाती है। सिर्फ सतह पर जो पानी दीख रहा है, वही गंगा है, यह सोचना तो नासमझी होगी। ठीक इसी तरह से हमारे होने में भी कई चीजें शामिल हैं, और हमारी ईजादें सूझें हमारे अंदाजे विश्वास, पूजा-पाठ, मंत्र-ये सब के सब तो सतह पर ही हैं। इनकी हमें जाँच-परख करनी होगी, और तब इनसे मुक्त हो जाना होगा-इन सबसे, सिर्फ उन एक या दो विचारों, एक या दो विधि-विधानों से ही नहीं, जिन्हें हम पसंद नहीं करते।"[2]

‘हम रूढ़ियों के दास हैं। भले ही हम खुद को आधुनिक समझ बैठें, मान लें कि बहुत स्वतंत्र हो गये हैं, परंतु गहरे में देखें तो हैं हम रूढ़िवादी ही। इसमें कोई संशय नहीं है क्योंकि छवि-रचना के खेल को आपने स्वीकार किया है और परस्पर संबंधों को इन्हीं के आधार पर स्थापित करते हैं। यह बात उतनी ही पुरातन है जितनी कि ये पहाड़ियां। यह हमारी एक रीति बन गई है। हम इसे अपनाते हैं, इसी में जीते हैं, और इसी से एक दूसरे को यातनाएं देते हैं। तो क्या इस रीति को रोका जा सकता है?[2]

 “शिक्षा का उद्देश्य है सही रिश्तों की स्थापना, केवल दो व्यक्तियों के बीच ही नहीं बल्कि व्यक्ति और समाज के बीच में भी, और इसीलिए आवश्यक है कि शिक्षा सबसे पहले अपनी मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को समझने में व्यक्ति की सहायक हो।”

0605 मुकेश भट्ट

0605 मुकेश भट्ट मुकेश भट्ट जी का आज जन्मदिन है। इन्होंने कई बेहतरीन फ़िल्मों का निर्माण किया है।   http://www.youtube.com/p...